दोस्तो ,आज का ये विषय आपको थोड़ा जटिल ज़रूर लगेगा लेकिन जीवन में उन लोगों के अवश्य काम आएगा जो डॉक्टरों के चक्कर लगा -लगा के परेशान हो जाते हैं और समझ नहीं पाते कि उनके साथ ऐसा क्या हुआ है क्यों वो बीमार सा महसूस करते हैँ ?
ये तो आप सब अच्छे से जानते होंगे की हमारे मूड का प्रभाव हमारे शऱीर पर भी पड़ता है पर कितना ?
क्या आप जानते हैं कि हमेशा ख़राब मूड मैं रहने से हमारा पूरा का पूरा बॉडी सिस्टम लड़खड़ा जाता है।
और जा जाने कितने शारीरिक और मानसिक रोग अपने पैर पसार लेते हैं।
ख़ैर मैं आपको वो सब तो नहीं बता सकती लेकिन इस समस्या का समाधान जरूर जानती हूँ।
कुछ करीब से देखा है मैंने ऐसे लोगों को जो अपने जीवन से ज़यादा संतुष्ट नहीं थे।
काफी समय तक उनके संपर्क मैं रहने के बाद आज मैं इस निष्कर्ष पर पहुँच कर कुछ चाँद लाइन आपके लिए लिख रही हूँ.
मेरे कोशिश सिर्फ यही है कि आप इससे कुछ लाभ उठा पाएं और अपने जीवन को और भी सुन्दर तरीके से जी सकें।
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संतोष जीवन की वो कस्तूरी मणि है जो है तो आपके अंदर ही पर आप उसे हमेशा बाहर ढूंढ रहे होते हो.उसी तरह से जैसे कस्तूरी मृग सारे जंगल मैं उसकी खुशबू को तलाशते हुए भटकता रहता है सारी उम्र.
खुशियां जीवन में किस की मोहताज है ? क्या आपने कभी सोचा है क्यों जीवन के सारे सुख होते हुए भी आप खुश नहीं दिखाई देते। वो क्या चीज़ है जो आपको परेशां कर रही होती है, ? तो इसका उत्तर है :-सोच
जीहां आपकी सोच आपके खुशियों का वो दरवाजा है जो संतोष नाम की चाबी से ही खुलता है।
जीहां आपकी सोच आपके खुशियों का वो दरवाजा है जो संतोष नाम की चाबी से ही खुलता है।
कहाँ वो डोर टूट गई थी सपनों की ,क्या वो वजह है जो आपको, न सोने दे रही ,न जागने। आपको सिर्फ ढूँढ़ना है दिल की गहराई में जाकर.
दोस्तो हम कुछ ना कुछ अपने भविष्य के सपने देखते हैं , कुछ लोग उन्हें पहचान जाते हैं और पूरा करने में जुट जाते हैं.
वहीं कुछ लोग जान ही नहीं पाते कि उनको ज़िंदगी से क्या चाहिए ...
और बस चल देते हैं बिन अड्रेस मंजिल ढूँढने .
ऐसा नहीं कि सभी लोग, लेकिन कुछ ख़ास ,वो लोग जो भावुक प्रकृति (emotional) के होते
हैं , वो ही गुमशुदा (lost from aim ) कहलाते हैं .
भावुक होना हमेशा आपके आड़े आता है, क्यूँकि आप सिर्फ "कोई बुरा ना मान जाए " इसी दुविधा में फंसे रहते हो और लोग आपसे अपना "उल्लू सीधा" करके चलते बनते हैं.
आपकी विचारधारा अगर नकारात्मक है तो आपके शरीर के पूरे सिस्टम्स को प्रभावित कर देती है.तो अगर आप एक स्वस्थ जीवन की तलाश कर रहे हैं तो भूलिये नहीं की आप भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने बाकि लोग।
आपकी विचारधारा अगर नकारात्मक है तो आपके शरीर के पूरे सिस्टम्स को प्रभावित कर देती है.तो अगर आप एक स्वस्थ जीवन की तलाश कर रहे हैं तो भूलिये नहीं की आप भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने बाकि लोग।
जीवन में आगे बढ़ना हो तो निराशा की लाठी फेंक दें इससे आप ज़यादा दूर नहीं चल पाएंगे। बस....
अपने सपनो की ज्योत जलाइए और बिना किसी सहारे का इंतजार किये बस चल पड़िए मंज़िल की ओर।
अब आप मेरी इस कविता पे ज़रूर गौर फरमाए शायद ये भी आपकी कुछ मदद कर पाए।





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