दोस्तो हम लोग हर दिन न जाने कितनी मोटिवेशनल बुक्स और आर्टिकल्स पढ़ते हैं
खुद को प्रेरित करने के लिए..
पर क्या सच में कुछ असर होता है? 🤔
और अगर होता भी होगा तो शायद कुछ पलों के लिए या दिनों के लिए उससे ज्यादा बिल्कुल नहीं.
जानते हैं इसका कारण क्या है, इसका कारण है motivation देने वाला इंसान ना तो आपको समझता है....
ना ही वह आपकी प्रॉब्लम की जड़ को जानता है|मोटिवेशन सुनने में तो अच्छा लगता है लेकिन आपको पूरी तरीके से प्रेरित नहीं कर पाता है | अंग्रेजी में कहा भी गया है ना 'Only the wearer knows where the shoe pinches'
This means that it's hard to know how much someone else is suffering.
यानी कि पहनने वाला ही जानता है कि जूता कहां से काट रहा है
बात उतना ही सच है जितनी आपकी समस्या |
भाई जब जूता आपका है और परेशानी भी आपकी तो आप ही को सुलझानी है
अब आपको पता करना है कि क्या करने से क्या आराम मिलेगा | आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सबसे पहले डिपेंडेंसी यानी कि दूसरों पर निर्भर होना खत्म कर दीजिए आप देखिएगा कितने मनचाहे परिणाम मिलते हैं| 💯👈
🙏मैं यहां आपको अपने साथ घटित एक घटना का जिक्र करती हूं, हुआ यूं कि जब मेरी बेटी छोटी थी तो उसको बहुत तेज़ बुखार हुआ तब तक मैं गाड़ी चलाना नहीं जानती थी. मैं हर तरीके से चारों तरफ हाथ पैर मारती रही कि कोई आए और मेरी मदद करें क्योंकि मैंने खुद को दूसरों पर आश्रित किया हुआ था कि कोई होगा तभी मैं कुछ कर पाऊंगी!
पर बच्चे का परेशान होना आपको उस वक्त कुछ और सोचने पर ही मजबूर कर देता है, मेरी प्राथमिकता में बच्चे का उपचार कराना इतना महत्वपूर्ण था कि मुझे ना चाहते हुए भी गाड़ी को हाथ लगाना पड़ा, मुझे थोड़ी बहुत जानकारी तो गाड़ी के बारे में मेरे पति ने दी हुई थी, बेसिक क्लच ब्रेक एक्सीलेटर के बारे में कभी-कभी उन्होंने एक दो बार गाड़ी चलवाई भी थी| अब मरती क्या ना करती, बच्चे को बचाना था किसी भी तरह से |
मैंने आव देखा न ताव गाड़ी को गैरेज से रिवर्स में निकालने के लिए स्पीड देकर दौड़ा दिया| दोस्तों आप भी समझ गए होंगे क्या हश्र हुआ होगा लेकिन गाड़ी बाहर आ गई और बहुत सारी जद्दोजहद करने के बाद मैं किसी तरह बच्चे को हॉस्पिटल लेकर पहुंच गई |थोड़ी बहुत टूट-फूट तो गाड़ी को हुई लेकिन मेरी बच्ची सुरक्षित थी | उस दिन से उस घटना के बाद से मैं अपने आप को काफी सक्षम समझने लगी दुनिया में आगे बढ़ने के लिए|
मेरी कहानी से आपको मोटिवेशन मिले तो बताइये जरूर
इस से एक बात तो साफ़ है कि जिस दिन हम खुद पर विश्वास करना सीख जाएंगे हम अपनी ताकत को पहचान जाएंगे, हमें किसी के भी मोटिवेशन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी
हाँ मैने आपके लिए जो शुरूवात मैं एक शेर लिखा है,
उस पर भी अवश्य ध्यान दीजियेगा
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