वास्तविक जीवन में आप ही समझते है कि किस सांचे में आपकी जिंदगी की पटरी चल रही है.
मैं भी हमेशा यही सोचा करती थी और उलझी रहती थी अपने ही सवालों मैं...उन सवालों में जिनका जवाब मुझे लगता था कि होगा ही नहीं।
दोस्तो, एक बात तो सच है कि अगर आपके दिल मैं कुछ चल रहा है तो सामने वाले से पूछने में कोई बुराई नहीं है, हो सकता है कि उसका जवाब ना में हो, लेकिन हाँ भी तो हो सकता है?....! लेकिन जब तक आप पूछेंगे नहीं तब तक तो लाज़मी ना ही है 👈
एक दिन मुझे बहुत उदासी सी हो रही थी ,तो मैंने अपनी घर के कौने मैं बनी लाइब्रेरी मैं हाथ डाल ही दिया ये सोचकर कि चलो कुछ समय काटती हूं... 😴
कुछ किताबें इधर उधर की देखने के बाद मुझे एक कविताओं की पुस्तक मिली जो कि विभिन्न कवियों के विचारों का संग्रह था|
सभी ने बहुत ही खूबसूरती से अपने ज़ज्बात बयां किए हुए थे... मैं बस पढ़ती गई और खोती गई कवियों की कल्पनाओं में|
एक से बढ़कर एक जज्बात लिखे थे, शब्दों के गहन अर्थ लिखे थे |
कुछ ने दिल खुशनुमा कर दिया और किसी ने मेरा दिल दुखा दिया.
मेरा दिल थोड़ा उदास तो था ही और मैं कुछ इंस्पिरेशनभी ढूंढ रही थी तभी किसी शायर की सिर्फ चार लाइन की शायरी पर नज़र पड़ी, पहले तो कुछ ख़ास नहीं लगी फ़िर मैंने दोबारा गहन( Intensive) अध्ययन किया.
क्या आप विश्वास कर पाएंगे कि इस शायरी ने मेरी जिंदगी सच बदल दी|
सच में बहुत खूब 👌 लिखा था शायर ने :-
"तकदीर के खेल से निराश नहीं होते,
जिंदगी में ऐसे कभी उदास नहीं होते,
हाथों की लकीरों पर क्यों भरोसा करते हो,
तकदीर उनकी भी होती है जिनके हाथ नहीं होते"।
मैं भी बहुत ज्यादा पंडित और ज्योतिषियों में विश्वास किया करती थी और अपने परिवार का और अपना भला बुरा पूछने के लिए अक्सर जाया करती थी |
जैसे ही मैंने ये तस्वीर देखी, मैं मानो शून्य
हो गई.! यूं ही काफी देर इस तस्वीर को घूरती रही और देखते ही देखते ना जाने कब आंखें नम हो गई 🥺 प्रेरणा ऐसी ही होती है, ना जाने कब आप रोशनी की किरण बन जाएं किसी के लिए।
और अब कुछ चलते चलते :-
दुश्मनी लाख सही, कभी ख़त्म न कीजिए रिश्ता
दिल मिले या न मिले हाथ मिलाते रहिए।
विधु चौधरी

Simply wow!!!
ReplyDeleteVery nice 😊
ReplyDeleteअद्भुत।
ReplyDeletedhanyavad !
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